Monday, April 25, 2011

योग स्वास्थ्य एवं निरोगता का प्रतीक: रघुबीर

सिरसा,(थ्री स्टार): अखिल भारतीय श्री राम-मुलख-दयाल योग प्रचार समिति के प्रधान योगाचार्य ध्यानयोगी गुरू रघुबीर जी महाराज ने मासांत हवन एवं यज्ञ के मौके पर अनेकों योग प्रेमियों को दिव्य योग साधना मन्दिर कोटली में अपने सम्बोधन में फरमाया कि योग स्वास्थ्य एवं निरोगता का प्रतीक है। योग है जहां स्वास्थ्य है वहां। आज के इस भाग-दौड़ एवं तनाव के युग में मनुष्य की शारीरिक एवं मानसिक बीमारियां निरन्तर बढ़ती जा रही हैं। मनुष्य का शरीर बीमारियों का घर बन चुका है। आज का मनुष्य बाहर से देखने में तो सुन्दर प्रतीत होता है लेकिन अन्दर से वह गल चुका है। अंग्रेजी दवाईयों के अतिरिक्त प्रभाव बहुत हंै। एक बीमारी दूर होती है तो दूसरी बीमारी पैदा हो जाती है। बीमारियों से छुटकारा पाने तथा सदा स्वस्थ रहने के लिए योग अति उत्तम औषधि है।रघुबीर महाराज ने फरमाया कि योग मिटाता है रोग और बनाता है निरोग। जैसे मनुष्य को स्वस्थ रहने के लिए भोजन की आवश्यकता है उसी प्रकार से योग की भी आवश्यकता है। योगी कभी रोगी नहीं हो सकता तथा भोगी कभी रोगों से नहीं बच सकता। भोग आरम्भ में तो सुखदायी प्रतीत होते हैं लेकिन धीरे-धीरे मनुष्य के शरीर को रोगी एवं चिंतातुर बना देते हैं। भोग की गहराई में ही छुपे हैं सब रोग। योग आलस्य को भगाकर शरीर को स्वस्थ एवं तंदुरूस्त बनाता है। योग रोगी के लिए औषधि है और निरोगी के लिए टॉनिक। योग प्रत्येक व्यक्ति के लिए परम आवश्यक है। योग मनुष्य को देश की सम्पत्ति बनाता है तथा अतिरिक्त दवाईयों के खर्चे से बचाता है। यौगिक जीवन वास्तव में आनन्द एवं सुख का प्रतीक है। रघुबीर महाराज ने अंत में फरमाया कि योग अपनाओ और बीमारियों से दामन को बचाओ। इस पवित्र मौके पर योगाचार्य लछमण सिंह, प्रधान केवल कृष्ण, दर्शन सिंह, धर्मपाल, दिनेश कुमार, पृथ्वी सिंह बैनीवाल, शुभम, खेमचन्द, जितेन्द्र, नानक ठेकेदार आदि भक्तगण मौजूद थे। अंत में सभी भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।

0 comments:

  © CopyRight With ThreeStar

Back to TOP