भूमि पूजन समारोह आयोजित
सिरसा,(थ्री स्टार): गत दिवस स्थानीय फ्रैन्डस कालोनी में सेवा भारती के त
त्वावधान में 'अराधना गोयल सेवा भारती भवन' के अन्तर्गत प्लाट में भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया। यद्यपि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के गृहमंत्री गोपाल कांडा थे परन्तु हरियाणा से बाहर होने के कारण कार्यक्रम में नहीं आ सके। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता तथा सेवा भारती के वरिष्ठ प्रचारक व अखिल भारतीय सेवा प्रमुख प्रेम चन्द गोयल ने विधिवत रूप से भूमि पूजन शुभ किया। प्रेम चन्द गोयल ने कहा कि दो प्रकार के समाज में भगवान ने सम्पन्नता दी है जिसमें प्रथम कृष्ण रूपी समाज है जबकि दूसरा सुदामा रूपी समाज है। सेवा भारती का उद्देश्य कृष्ण रूपी समाज को सुदामा रूपी समाज से मिलाना है ताकि वह सहयोगी बनकर उनकी सेवा कर सके। भारत की धरती पर रहने वाला सारा समाज अपना है यही सेवा भारती का उद्देश्य है। भारत में रहने वाला कोई भी वर्ग चाहे वह मन्दिर, मस्जिद, गुरूद्वारा या चर्च में जाता है वह भारत की धरती को अपनी कर्म भूमि मानता है तथा उसी वर्ग में सेवा भारती काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी कारण कश्मीर में मुस्लिम बाहुबल होते हुए भी वहां पर सेवा भारती के 120 प्रकल्प चल रहे है। हमारा उद्देश्य सब सतों का मान और सब ग्रन्थों का सम्मान करना है। गोयल ने कहा कि सेवा भारती अन्तर्गत प्रथम सेवा कार्यक्रम सन 1978 में दिल्ली स्थित जहांगीर बस्ती के झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र में आरम्भ किया था। आज दिल्ली में 11062 सेवा प्रकल्प चल रहें है तथा समस्त भारत में 157770 सेवा प्रकल्प चल रहें है जिसमें करोड़ों लोग लाभान्वित हुए है। उन्होंने आशा प्रकट की कि सेवा भारती के भवन व कार्य सारे हरियाणा में पहले नम्बर पर हों। मंच का संचालन सतीश हिसारिया ने बखूबी तौर पर निभाया। इस अवसर पर सेवा भारती के बाल संस्कार, महिला सिलाई केन्द्र, रूप सज्जा के बच्चों ने सांस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत करके समां बांध दिया। तदुपरान्त बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए। संस्था के जिला सचिव बिहारी लाल बंसल ने उपस्थितजनों स्वागत करते हुए बताया कि सिरसा शहर में सन् 1989 में मात्र एक सिलाई केन्द्र से सेवा भारती का कार्य शुरू किया था। आज सिरसा नगर की विभिन्न सेवा बस्तियों में 16 केन्द्र चल रहें है तथा हजारों बहनें सिलाई सिखकर अपना रोजगार चला रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों एक दानी सज्जन ने सेवा भारती को 300 गज का प्लाट दान में दिया जिसके निर्माण हेतु रमेश गोयल ने अपनी पुत्री आराधना के नाम पर पांच लाख रूपये, बिहारी लाल बंसल की ससुराल की तरफ से एक लाख रूपये, जिला अध्यक्ष खजान चन्द गोयल के बेटे डॉ. के.के. गोयल व इंजीनियर अनूप गोयल ने अपनी माता प्रेमलता की स्मृति में एक लाख रूपये का सहयोग दिया तथा 21 हजार रूपये जगदीश साहुवाला की ओर से आए। इसके अतिरिक्त 11 हजार रूपये एक दानी सज्जन से प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष रमेश चन्द गोयल ने अपने सम्बोधन में कहा कि सेवा दायित्व है उपकार नहीं। सामाजिक कार्यों का दायित्व देश और समाज के कंधों पर है। इससे उनकी आत्मा की संतुष्टि मिलती है। यह चीज खरीदी नहीं जा सकती तथा नगर की गरीब बस्तियों में पूरे सहयोग की अपील की। कार्यक्रम के वशिष्ट अतिथ्ज्ञि डॉ. के.के. गोयल ने बताया कि समाज में समरस्ता का कार्यक्रम चलाकर समाज के पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करके समाज में से जाति भेद को खत्म करने का प्रयास सेवा भारती कर रही है तथा गरीब बस्तियों में काम करके एवं उनको स्वावलंबी बनाकर उनको पूरा योगदान दे रही है। यह भवन उनके प्रयासों को और आगे बढ़ाएगा। सेवा भारती के पूर्व प्रांतीय प्रमुख कशमीरी लाल ने कहा कि सेवा भारती के जो सेवा कार्य विभिन्न बस्तियों में चल रहे हैं वही हमारा साधन है। उन्होंने दलित एवं पिछड़ा वर्ग की बस्तियों को सेवा बस्तियों का नाम देते हुए कहा कि सेवा भारती के कार्यकर्ता सेवा बस्तियों के बन्धुओं के घरों में जाएं उनके चूल्हे की बनी चाय पीएं तथा सेवा बस्ती के बन्धुओं को अपना घरों में बुलाकर जलपान करवाएं। उनको अपनी शादी में निमंत्रण दें तभी जाति भेद दूर होगा व समाज में समरसता आएगी, यही सेवा भारती का उद्देश्य है। अंत में सेवा भारती के जिलाध्यक्ष खजान चन्द गोयल ने आए हुए महानुभावों एवं सहयोग करने वाले सज्जनों का आभार व्यक्त करते हुए सभी से इस निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया।
त्वावधान में 'अराधना गोयल सेवा भारती भवन' के अन्तर्गत प्लाट में भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया। यद्यपि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के गृहमंत्री गोपाल कांडा थे परन्तु हरियाणा से बाहर होने के कारण कार्यक्रम में नहीं आ सके। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता तथा सेवा भारती के वरिष्ठ प्रचारक व अखिल भारतीय सेवा प्रमुख प्रेम चन्द गोयल ने विधिवत रूप से भूमि पूजन शुभ किया। प्रेम चन्द गोयल ने कहा कि दो प्रकार के समाज में भगवान ने सम्पन्नता दी है जिसमें प्रथम कृष्ण रूपी समाज है जबकि दूसरा सुदामा रूपी समाज है। सेवा भारती का उद्देश्य कृष्ण रूपी समाज को सुदामा रूपी समाज से मिलाना है ताकि वह सहयोगी बनकर उनकी सेवा कर सके। भारत की धरती पर रहने वाला सारा समाज अपना है यही सेवा भारती का उद्देश्य है। भारत में रहने वाला कोई भी वर्ग चाहे वह मन्दिर, मस्जिद, गुरूद्वारा या चर्च में जाता है वह भारत की धरती को अपनी कर्म भूमि मानता है तथा उसी वर्ग में सेवा भारती काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी कारण कश्मीर में मुस्लिम बाहुबल होते हुए भी वहां पर सेवा भारती के 120 प्रकल्प चल रहे है। हमारा उद्देश्य सब सतों का मान और सब ग्रन्थों का सम्मान करना है। गोयल ने कहा कि सेवा भारती अन्तर्गत प्रथम सेवा कार्यक्रम सन 1978 में दिल्ली स्थित जहांगीर बस्ती के झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र में आरम्भ किया था। आज दिल्ली में 11062 सेवा प्रकल्प चल रहें है तथा समस्त भारत में 157770 सेवा प्रकल्प चल रहें है जिसमें करोड़ों लोग लाभान्वित हुए है। उन्होंने आशा प्रकट की कि सेवा भारती के भवन व कार्य सारे हरियाणा में पहले नम्बर पर हों। मंच का संचालन सतीश हिसारिया ने बखूबी तौर पर निभाया। इस अवसर पर सेवा भारती के बाल संस्कार, महिला सिलाई केन्द्र, रूप सज्जा के बच्चों ने सांस्कृति कार्यक्रम प्रस्तुत करके समां बांध दिया। तदुपरान्त बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए। संस्था के जिला सचिव बिहारी लाल बंसल ने उपस्थितजनों स्वागत करते हुए बताया कि सिरसा शहर में सन् 1989 में मात्र एक सिलाई केन्द्र से सेवा भारती का कार्य शुरू किया था। आज सिरसा नगर की विभिन्न सेवा बस्तियों में 16 केन्द्र चल रहें है तथा हजारों बहनें सिलाई सिखकर अपना रोजगार चला रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों एक दानी सज्जन ने सेवा भारती को 300 गज का प्लाट दान में दिया जिसके निर्माण हेतु रमेश गोयल ने अपनी पुत्री आराधना के नाम पर पांच लाख रूपये, बिहारी लाल बंसल की ससुराल की तरफ से एक लाख रूपये, जिला अध्यक्ष खजान चन्द गोयल के बेटे डॉ. के.के. गोयल व इंजीनियर अनूप गोयल ने अपनी माता प्रेमलता की स्मृति में एक लाख रूपये का सहयोग दिया तथा 21 हजार रूपये जगदीश साहुवाला की ओर से आए। इसके अतिरिक्त 11 हजार रूपये एक दानी सज्जन से प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष रमेश चन्द गोयल ने अपने सम्बोधन में कहा कि सेवा दायित्व है उपकार नहीं। सामाजिक कार्यों का दायित्व देश और समाज के कंधों पर है। इससे उनकी आत्मा की संतुष्टि मिलती है। यह चीज खरीदी नहीं जा सकती तथा नगर की गरीब बस्तियों में पूरे सहयोग की अपील की। कार्यक्रम के वशिष्ट अतिथ्ज्ञि डॉ. के.के. गोयल ने बताया कि समाज में समरस्ता का कार्यक्रम चलाकर समाज के पिछड़े वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करके समाज में से जाति भेद को खत्म करने का प्रयास सेवा भारती कर रही है तथा गरीब बस्तियों में काम करके एवं उनको स्वावलंबी बनाकर उनको पूरा योगदान दे रही है। यह भवन उनके प्रयासों को और आगे बढ़ाएगा। सेवा भारती के पूर्व प्रांतीय प्रमुख कशमीरी लाल ने कहा कि सेवा भारती के जो सेवा कार्य विभिन्न बस्तियों में चल रहे हैं वही हमारा साधन है। उन्होंने दलित एवं पिछड़ा वर्ग की बस्तियों को सेवा बस्तियों का नाम देते हुए कहा कि सेवा भारती के कार्यकर्ता सेवा बस्तियों के बन्धुओं के घरों में जाएं उनके चूल्हे की बनी चाय पीएं तथा सेवा बस्ती के बन्धुओं को अपना घरों में बुलाकर जलपान करवाएं। उनको अपनी शादी में निमंत्रण दें तभी जाति भेद दूर होगा व समाज में समरसता आएगी, यही सेवा भारती का उद्देश्य है। अंत में सेवा भारती के जिलाध्यक्ष खजान चन्द गोयल ने आए हुए महानुभावों एवं सहयोग करने वाले सज्जनों का आभार व्यक्त करते हुए सभी से इस निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया।

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