Thursday, April 28, 2011

बच्चों में सद्संस्कारों का रोपण करें : सुभद्र मुनि

सिरसा,(थ्री स्टार): बच्चे राष्ट्र और समाज का उज्ज्वल भविष्य हैं। बच्चे सद्संस्कारित हंै तो समाज सभ्य है। नागरिक श्रेष्ठ जीवन जीते हैं तभी राष्ट्र प्रगति करता है। ये उद्गार जैनाचार्य श्री सुभद्र मुनि जी महाराज ने नैतिक शिविर के दौरान कहे। आचार्य श्री ने कहा कि बच्चों में प्राकृतिक रूप से सरलता होती है तथा उनके जीवन में उन्नति की भावना रहती है। बाल मन होने पर भी उनके अन्दर विशालता रहती है। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षक और माता-पिता का विशेष योगदान होता है। अत: हमें हर हाल में बच्चों को अच्छा वातावरण उपलब्ध करवाना चाहिए। शिक्षक और माता-पिता बच्चों की बौद्धिक शिक्षा के साथ-साथ उनके जीवन के संस्कारों का भी विशेष ध्यान रखें। बच्चों का जीवन सुरक्षित है तो समाज और राष्ट्र सुरक्षित है। यह जानकारी देते हुए प्रवक्त ललित जैन ने बताया कि इस अवसर पर संघ प्रवर्तिनी महासाध्वी श्री सुशील कुमारी जी महाराज व साध्वी रत्न सुनीता जी ने कहा कि बच्चों को नैतिक शिविरों से जोड़कर रखना चाहिए। नैतिक संस्कार के बिना जीवन में कष्ट रहते हंै। सद्संस्कारों से जीवन का उत्थान और असद् संस्कारों से जीवन का पतन होता है। अंत में बच्चों ने विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।

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