हरियाणा राजकीय संस्कृत अध्यापक संघ की बैठक आयोजित
सिरसा,(थ्री स्टार): हरियाणा राजकीय संस्कृत अध्यापक संघ की एक बैठक सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय में संघ के जिला संरक्षक छोटू राम शास्त्री एवं पदम प्रकाश शास्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सी.बी.एस.ई. बोर्ड द्वारा केन्द्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा के आयोजन में संस्कृत भाषा की अनदेखी करने बारे विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष हरिओम भारद्वाज ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा गठित इस बोर्ड के तहत अध्यापक पात्रता परीक्षा में संविधान में मंजूरशुदा 22 भाषाओं में से 19 भाषाओं को इस परीक्षा में स्थान दिया गया है जिनमें से परीक्षार्थी किन्हीं दो भाषाओं को अपनी परीक्षा के दौरान चयन कर सकता है लेकिन हमारे देश के लिए यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि 2003 में संविधान में शामिल हुई गोरा व खासी भाषा को तो इस परीक्षा में शामिल किया गया है लेकिन सभी भाषाओं की जननी संस्कृत भाषा की अनदेखी की गई है जो कि किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में प्रेस प्रवक्ता धमेन्द्र शास्त्री ने बताया कि केन्द्र सरकार इस तरह के ओछे हथकंडे अपनाने से बाज नहीं आ रही है और उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने अपने वक्ततव्य में कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री तथा बोर्ड के चेयरमैन शायद इस बात को भूल गए हैं कि संस्कृत भाषा ही हमारी संस्कृति एवं संस्कारों की द्योतक है। इस अवसर पर सनातन धर्म सभा के कार्यकारी प्रधान नवीन केडिया ने कहा कि संस्कृत भाषा की अनदेखी करने वाली सरकार का भविष्य कभी अच्छा नहीं हो सकता। अत: सरकार को इस बारे में हर हाल में सोचना पड़ेगा तथा संस्कृत के मान-सम्मान के लिए केन्द्रीय सरकार को हरसम्भव प्रयास करने चाहिए। इस अवसर पर कृष्ण कुमार, बसन्त, बालकिशन, राजेश, सत्यनारायण, शिशपाल, हरिकृष्ण, पवन कुमार, रामनिवास डबवाली, राजपाल, राममेहर सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
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