Monday, April 4, 2011

किसान थ्रेशर मशीन के संचालन में पूरी सावधानी बरतें: बी.एस श्योकंद

सिरसा,(थ्री स्टार): कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक एवं कृषि विशेषज्ञ बी.एस श्योकंद ने किसानों और कृषि कामगारों से आग्रह करते हुए कहा कि कृषि यंत्रों विशेषकर थ्रेशर मशीन के संचालन में पूरी एहतियात बरते ताकि होने वाली दुर्घटनाओं के दुष्प्रभावों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि थे्रशर मशीन के उपयोग बारे सही जानकारी के अभाव में गेहूं फसल की कटाई तथा दाना निकालने की प्रक्रिया में हर वर्ष अक्सर दुर्घटनाएं होती है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही व अनभिज्ञता जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए सावधानी बरतनी अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दाना निकालने की प्रक्रिया शुरु करने से पूर्व थ्रेशर मशीन को समतल भूमि पर स्थापित किया जाना चाहिए ताकि मशीन के चलते समय कम से कम कंपन हो। मशीन को चलाने से पूर्व हाथ द्वारा चलाकर एक चक्कर अवश्य लगाकर देख लेना चाहिए कि इसमें किसी प्रकार की कोई रुकावट या कोई आवाज तो नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि थे्रशर मशीन के पहियों को जमीन में गाड़कर खुंटियां लगा दी जाए तो और भी अच्छा रहेगा। फिर भी यदि मशीन में कंपन हो तो थे्रेशर मशीन फ्रेम पर वजन रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूसे की निकासी हवा चलने की दिशा की ओर होनी चाहिए। थ्रेशर को निर्धारित आरपीएम (सही चक्करों पर ही) चलाया जाना चाहिए। थे्रशर सिलेंडर मशीन पर दर्शाए गए निशान के अनुसार ही चलाए। उन्होंने कामगारों व किसानों को सलाह दी कि वे थ्रेशर मशीन पर कार्य करते समय किसी प्रकार का नशा न करे व अपने कार्य को पूरी चुस्ती के साथ करे। उन्होंने सलाह दी कि छोटी-छोटी सावधानियों को ध्यान में रखकर कार्य करेंगे तो कभी दुर्घटना नहीं होगी। उन्होंने किसानों से आग्रह भी किया कि वे गेहूं के अवशेषों को कभी न जलाए।

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