Wednesday, January 19, 2011

गुरू के बिना ज्ञान नहीं: ब्रह्मदास

सिरसा,(थ्री स्टार): डेरा बाबा भूमणशाह संगर सरिस्ता में पूर्णिमा उत्स पर सत्संग का आयोजन किया गया जिसमें डेरे के गद्दीनशीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज ने प्रवचन किया। बाबा ब्रह्मदास महाराज ने कहा कि गुरू के बिना ज्ञान नहीं है इसलिए हमें गुरू की शरण में जाकर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए ताकि हम अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बिना किसी रूकावट के बढ सकें। उन्होंने कहा कि साधु-संतो की शरण में जाने से हमें सच का पता चलता है जिस सच को प्राप्त करने के लिए हम जिंदगीभर दर-दर भटकते रहते है। बाबा ब्रह्मदास महाराज ने कहा कि संसार एक मेला है जिस प्रकार मेले में कुछ समय तो भीड़ अधिक होती है लेकिन कुछ समय पश्चात वहां पर सुनसान हो जाता है ओर हमें भी एक दिन इस संसार से विदा होना है इसलिए हमें सदा मानवता के हित में कार्य करना चाहिए ताकि हमारे संसार से विदा होने के बाद भी लोग हमें हमारी अच्छाई के लिए याद करें। बाबा ब्रह्मदास महाराज ने कहा कि सेवा, सिमरण सत्संग से मानव जीवन को सफल बनाया जा सकता है ओर इनकी प्राप्ति गुरू की शरण में जाने से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि हमें सदा दीन-दुखियों की सेवा करनी चाहिए क्योंकि इससे परमपिता परमात्मा भी प्रसन्न होते है। उन्होंने कहा जीवन का जो अनमोल समय व्यतीत हो गया है वह फिर से नहीं आता है इसलिए हमें समय का भी पाबंद होना चाहिए ताकि बाद में हमें पछताना पड़े। सत्संग से पूर्व डेरा बाबा भूमणशाह संगर सरिस्ता के सेवक सचिव बिनोद एडवोकेट ने वर्षभर की डेरे की आय-व्यय का विवरण श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया। सत्संग के पश्चात श्रद्धालुओं ने गुरू का अटूट लंगर का प्रसाद छका।

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