Monday, November 22, 2010

मस्ताना जी महाराज के जन्मदिवस पर आयोजित भंडारे में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

सिरसा,(थ्री स्टार): डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक बेपरवाह मस्ताना जी महाराज के जन्मदिवस का पावन जन्मभंडारा धूमधाम से मनाया गया। पूज्य संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी न्सां ने अपनी ओजस्वी वाणी में मस्ताना जी महाराज के जीवन से जुड़े अनमोल वृतांतों पर प्रकाश ड़ाला तथा सत्संग की महिमा बतलाई। इस अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने सत्संग श्रवण किया तथा हजारों लोगों ने राम नाम ,गुरूमंत्र की अनमोल दात प्राप्त कर बुराइयों को त्यागने का संकल्प लिया। सत्संग के दौरान डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई गई वेश्यावृत्ति कल्याण मुहिम के तहत वेश्यावृति की बुराई को त्याग समाज की मुख्यधारा में शामिल होने वाली तीन लड़कियों की शादियां भी करवाई गई तथा एक भक्त योद्धा ने वेश्यावृति त्यागने वाली युवती को अपना जीवन साथी स्वीकार करने के साथ साथ उसकी बेटी को भी अपनी बेटी के रूप में स्वीकार किया। रूहानियत और मानवता भलाई कार्यों के लिए विश्वभर में प्रख्यात डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक मस्ताना जी महाराज के 119वें जन्मदिवस के अवसर पर डेरा सच्चा सौदा को भव्य ढंग से सजाया गया था। सत्संग पंडाल गुरू जी के विराजमान होने वाली स्टेज को भी भव्य तरीके से सजाया गया था। मध्यरात्रि के बाद तक चले सत्संग में लाखों डेरा प्रेमियों ने नाच नाचकर अपनी खुशी का इजहार किया। सत्संग पंडाल में पूज्य गुरू जी के पधारने पर उपस्थित साध संगत ने 'धन धन सतगुरू तेरा ही आसराÓ का नारा लगाकर उन्हे पावन जन्मदिवस की शुभकामनाएं दी। पूज्य गुरू जी ने समस्त साध संगत को पावन आशीर्वाद से लाभांवित किया तथा कहा कि वे ईश्वर से प्रार्थना करते है कि ईश्वर उन्हे सदबुद्धि दे, वे बुराइयों को त्यागे तथा इंसानियत को जिंदा रखे। संत जी ने अपनी मधुर वाणी में 'करें शाह मस्ताना जी मस्त मस्तÓ भजन गाया, जिस पर साध संगत झूम उठी। इस अवसर पर संत जी ने कहा कि मस्ताना जी महाराज ने सच्चा सौदा रूपी जो बीज ड़ाला था, वो आज बाग बन कर पूरी दूनियां को महका रहा है। उन्होने कहा कि मस्ताना जी ने ऐसी रंग बिरंगी फुलबाड़ी सजाई, जिसमें विभिन्न धर्मों के लोगों रूपी फूल एक साथ बैठकर ईश्वर, अल्लाह, गॉड, वाहेगुरू को याद कर सकते है, उसकी भक्ति इबादत कर सकते है। संत जी ने कहा कि मस्ताना जी महाराज ने सच की राह का जो बीज ड़ाला, वो दिन प्रतिदिन फलता फूलता जा रहा है। राम नाम को लेने वालों, इंसानियत को जिंदा रखने वालों और मानवता की सेवा करने वालों की तादाद हजारों से लाखों तथा लाखों से करोड़ों तक पहुंच गई है। संत जी ने कहा कि सच्चा सौदा में सभी धर्मों का आदर सत्कार किया जाता है। मस्ताना जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी ने बताया कि इनकी माता का नाम तुलसांबाई था तथा पिता का नाम पिल्लामल जी था। खत्री वंश से संबंध रखने वाले मस्ताना जी का बचपन का नाम खेमा मल था। उनके गुरू सावन शाह जी महाराज ने इन्हे मस्ताना शाह की उपाधि दी तथा बागड़ देश को तारने का आदेश देते हुए इन्हे सिरसा भेजा। जहां उन्होने हजारों लोगों को राम नाम की अनमोल दात देकर बुराइयां छुडवाई तथा रूहानियत के रास्ते पर चलाया। पूज्य गुरू जी ने मस्ताना जी महाराज द्वारा जीवों के कल्याण करने संबधित अनेक वृतांत सुनाए। पूज्य गुरू जी ने कहा कि वर्तमान में डेरा सच्चा सौदा मानवता भलाई के 60 से अधिक कार्य कर रहा है। समाज में फैली बुराइयों के खात्मे का बीड़ा उठाया हुआ है। संत जी ने उपस्थित साध संगत से आह्वान किया कि वे अच्छे काम करें, पाखंडों में पड़े, कर्मयोगी बने तो भगवान उनकी मदद अवश्य करेंगे। संत जी ने कहा कि भयानक कलयुग में चारों तरफ बुराइयों का बोलबाला है, परंतु चाहे प्रलय आए या महाप्रलय, औम,अल्लाह, वाहेगुरू, खुदा, रब्ब का नाम सदा चलता था, चलता है और चलता रहेगा। संत जी ने बताया कि राम नाम का सुमिरन करने से काम-वासना-क्रोध, मोह, ममता, लोभ, अहंकार जैसी विकृतियां अपने आप समाप्त हो जाती है। उन्होने कहा कि ईश्वर से सदा दूसरों का भला मांगों, भला करों और किसी का दिल दुखाओं। पावन भंडारे के अवसर पर संत जी ने उपस्थित लाखों की संख्या में पहुंची साध संगत को भ्रुण हत्या, नशे करने, मानवता भलाई कार्यों एवं सच्चाई के पथ पर दृढता से चलने का प्रण दिलवाया, जिस पर उपस्थित जनसमूह ने अपने दोनो हाथों को उठाकर प्रण लिया। सत्संग के उपरांत लंगर भंडारा वितरित किया गया।

0 comments:

  © CopyRight With ThreeStar

Back to TOP